नज़राना-ए-इश्क़

मेरे दिल में कमरे चाहे हज़ार होंगे, पर मेरे मन में तस्वीर सिर्फ तेरी है, दिन के उजाले में हम चाहे जितनों से मिलें, पर हर मुलाकात में तेरी ही कमी रहती है, दूर चाहे तू मुझसे जितना चली जाए, मेरी हर धड़कन में तो बस तू ही तू बस्ती है… समझ के मुझे तू…

तू कौन है?

तू कौन है जो इस कदर मचल रहा है? क्या है तेरा यहाँ जो तू यूँ इतरा रहा है? कब तक नकली पंख लगा के इतना ऊँचा उड़ता फिरेगा? जो ये पंख पिघल गए तो धरा पे आ गिरेगा…   तू कौन है जो यूँ दुनिया को रौब दिखा रहा है? क्या है तेरा व्यक्तित्व…

Saffron, White or Green?

Loving you was a boon till it became a mistake, I can’t yell out loud that I love you because people will now call me names, Some will call me a bhakt, while others insane, This all started when the powerful started spreading hate.   I didn’t know that loving my country will become a…